तू ही ग्वाला , तू ही मोहन
तूही श्याम गिरधारी रे
जो मैं राधा या हूं मीरा
मैं तेरी दिवानी रे
तुझं बिन सुनी मोरी रतियां
जुग जुग तोरी प्यासी रे
हर आहट पर बाट निहारूं
मैं तो तेरी दासी रे
ठुमक ठुमक कर वृन्दावन में
मैं नाचू भ्रमराई रे
तू निर्मोही ,तू है जोगी
मैं बस तेरी बन्सी रे
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