Thursday, 12 March 2020

Ijjajat

हमारी मोहब्बत पर उस रोज
आप थोडा-सा हक जताते
गुस्ताखियाँ हुई गर हमसे
इस तरह तो सजा ना देते
जाते जाते जाँ हमसे, इजाजत ही लेते जाते....
माना थी बेरंग तस्वीरें - कुछ लम्हे ही उनसे चुराते
काली थी गम की स्याही मगर, क्या इक नज्म ना कलम कर पाते
जाते जाते जाँ हमसे, इजाजत ही लेते जाते ....
होठों पे खिलती हँसी को
अपनी आँखों तक पहुँचने देते
चंद लकीरों के फैसलों पर
यूँ रुसवा ना आप होते
जाते जाते जाँ हमसे, इजाजत ही लेते जाते ....

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