हमारी मोहब्बत पर उस रोज
आप थोडा-सा हक जताते
गुस्ताखियाँ हुई गर हमसे
इस तरह तो सजा ना देते
जाते जाते जाँ हमसे, इजाजत ही लेते जाते....
आप थोडा-सा हक जताते
गुस्ताखियाँ हुई गर हमसे
इस तरह तो सजा ना देते
जाते जाते जाँ हमसे, इजाजत ही लेते जाते....
माना थी बेरंग तस्वीरें - कुछ लम्हे ही उनसे चुराते
काली थी गम की स्याही मगर, क्या इक नज्म ना कलम कर पाते
जाते जाते जाँ हमसे, इजाजत ही लेते जाते ....
काली थी गम की स्याही मगर, क्या इक नज्म ना कलम कर पाते
जाते जाते जाँ हमसे, इजाजत ही लेते जाते ....
होठों पे खिलती हँसी को
अपनी आँखों तक पहुँचने देते
चंद लकीरों के फैसलों पर
यूँ रुसवा ना आप होते
अपनी आँखों तक पहुँचने देते
चंद लकीरों के फैसलों पर
यूँ रुसवा ना आप होते
जाते जाते जाँ हमसे, इजाजत ही लेते जाते ....
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